बुद्धा चरितम | Buddha charitam

By: रामचंद्र दास - Ramchandra Das
बुद्धा चरितम | Buddha charitam by


दो शब्द :

इस पाठ में महाकवि अश्वघोष द्वारा रचित 'बुद्धचरित' का वर्णन किया गया है, जिसमें भगवान बुद्ध का जीवन और उनके उपदेशों का महत्व दर्शाया गया है। पाठ का पहला भाग बुद्ध के जन्म से लेकर बोधि प्राप्ति तक के घटनाक्रम को दर्शाता है। भगवान बुद्ध का जन्म इच्चाकु वंश में हुआ, और उनकी माता रानी ने गर्भावस्था के दौरान विशेष स्वप्न देखे थे, जो उनके भविष्य के महत्व को दर्शाते हैं। रानी ने एक सफेद हाथी को अपने गर्भ में देखा, जो एक शुभ संकेत था। पाठ में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार बुद्ध का जन्म हुआ और उनके जीवन में विभिन्न घटनाएं घटित हुईं। बुद्ध का जीवन एक विशेष उद्देश्य के लिए था - संसार के दुखों का निवारण करना और ज्ञान का प्रचार करना। इस प्रकार, पाठ में भगवान बुद्ध की जीवन यात्रा, उनके उपदेश और उनके द्वारा मानवता के लिए किए गए योगदान का सारांश प्रस्तुत किया गया है। यह पाठ न केवल भगवान बुद्ध के जीवन को समर्पित है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे उनका ज्ञान और शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं।


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