भानु भक्त को रामायण | Bhanu Bhakt Ko Ramayan

- श्रेणी: Hindu Scriptures | हिंदू धर्मग्रंथ ग्रन्थ / granth धार्मिक / Religious भक्ति/ bhakti
- लेखक: श्रीसुर्य्य विक्रम ज्ञवाली - Shrisuryya Vikram Gyavali
- पृष्ठ : 406
- साइज: 6 MB
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दो शब्द :
इस पाठ में रामायण की कथा का वर्णन किया गया है, जिसमें भगवान राम, सीता और उनके भाई लक्ष्मण के जीवन के प्रमुख घटनाक्रमों का उल्लेख है। पाठ में देवी सीता के प्रति भगवान राम की श्रद्धा, उनके वनवास और कैकेयी की भूमिका को चित्रित किया गया है। कथा में यह बताया गया है कि राजा दशरथ की तीन रानियाँ थीं, जिनमें से कैकेयी ने अपने पुत्र भरत के लिए राम को वनवास भेजने की मांग की। इससे राजा दशरथ को अत्यधिक दुख हुआ, क्योंकि राम उनके प्रिय पुत्र थे। राम ने अपनी माता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। पाठ में भगवान राम की वीरता, धर्म के प्रति उनकी निष्ठा और उनके संघर्षों का भी उल्लेख है, जिसमें वे रावण जैसे दुष्टों का नाश करते हैं और अपने परिवार को पुनः स्थापित करते हैं। भगवान राम की कथा में आदर्श पुरुष के गुणों को उजागर किया गया है, जैसे कि सत्य, धर्म और कर्तव्य के प्रति निष्ठा। इस प्रकार, पाठ में रामायण की संपूर्णता, उसके नैतिक और धार्मिक संदेशों को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें यथार्थ जीवन में धर्म और न्याय की आवश्यकता को दर्शाया गया है।
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