संक्रामक रोग चिकित्सा | Sankramak Rog Chikitsa

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Homoeopathic and Medical Sciences | होमियोपैथिक और चिकित्सा
- लेखक: वेध, पी वर्मा - Vedha, P Varma
- पृष्ठ : 343
- साइज: 27 MB
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दो शब्द :
यह पाठ "सक्रामक रोग चिकित्सा" पर केंद्रित है, जिसमें संक्रामक रोगों की समस्या और उनके उपचार के उपायों का वर्णन किया गया है। लेखक ने बताया है कि संक्रामक रोग भारतीय समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुके हैं, और सरकार इस दिशा में अरबों रुपये खर्च कर रही है, फिर भी ये रोग फैलते रहते हैं। भारत की गर्म जलवायु और सफाई की कमी जैसे कारक संक्रामक रोगों के प्रसार को बढ़ाते हैं। लेखक ने कुछ गलत आदतों का भी उल्लेख किया है, जैसे कि गंदगी फैलाना और बीमार व्यक्ति की उचित चिकित्सा न कराना, जो कि इन रोगों के फैलाव में सहायक होते हैं। पाठ में यह भी बताया गया है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने कुछ रोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, लेकिन कई अन्य रोगों पर चर्चा की गई है जिनकी चिकित्सा साधारण चिकित्सक नहीं कर पाते। इस ग्रंथ में संक्रामक रोगों के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया गया है, हालांकि कुछ रोगों पर केवल सामान्य जानकारी ही दी गई है। लेखक ने पाठकों को सूचित किया है कि अधिकतम लाभ के लिए ग्रंथ में चित्रों और विवरणों को सरल और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके अतिरिक्त, पाठ के प्रकाशन में जिन लोगों का सहयोग मिला है, उनके प्रति लेखक ने आभार प्रकट किया है। कुल मिलाकर, यह पाठ संक्रामक रोगों की गंभीरता, उनके प्रसार के कारणों, और उनके उपचार के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है।
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