पाश्चात्य काव्यशास्त्र | Paschatya Kavyashastra

- श्रेणी: काव्य / Poetry धार्मिक / Religious साहित्य / Literature
- लेखक: डॉ. कृष्णदेव शर्मा - Dr. Krishandev Sharma
- पृष्ठ : 356
- साइज: 13 MB
- वर्ष: 1952
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दो शब्द :
इस पाठ में 'पाश्चात्य काव्यशास्त्र' नामक पुस्तक का परिचय दिया गया है, जिसे सरल और स्पष्ट शैली में लिखा गया है ताकि छात्र इस जटिल विषय को आसानी से समझ सकें। इस पुस्तक में उन प्रश्नों का समावेश किया गया है जो विभिन्न विश्वविद्यालयों की हिंदी स्नातकोत्तर परीक्षाओं में पूछे गए हैं। लेखक ने इस पुस्तक की रचना में सरल भाषा का प्रयोग किया है ताकि छात्र अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार का पूर्णता का दावा नहीं करते हैं, क्योंकि ज्ञान का समुद्र अनंत है और उनका ज्ञान उसकी एक बूँद के समान भी नहीं है। उन्होंने सुझावों का स्वागत किया है ताकि वे अगले संस्करण में सुधार कर सकें। पुस्तक में कई अंग्रेजी विद्वानों की कृतियों और उनके हिंदी अनुवादों से सहायता ली गई है। लेखक ने अपने आभार का प्रदर्शन करते हुए पुस्तक के प्रकाशक और सहयोगियों का धन्यवाद किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह पुस्तक छात्राओं के लिए उपयोगी और रुचिकर होगी। पाठ में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों और विषयों का उल्लेख किया गया है, जिसमें पाश्चात्य समीक्षाशास्त्र के विकास, प्रमुख विद्वानों के योगदान, काव्य और उसकी रचना संबंधी विचार शामिल हैं। इस प्रकार, यह पाठ एक शैक्षणिक पुस्तक के उद्देश्य, उसकी रचना प्रक्रिया, और विषयों के समावेश का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करता है।
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