मनोविज्ञान-मीमांसा | Manovigyan-meemansa

- श्रेणी: मनोवैज्ञानिक / Psychological मानसिक शक्ति/ Mansik Shakti
- लेखक: विश्वेश्वर - Vishveshvar
- पृष्ठ : 328
- साइज: 24 MB
- वर्ष: 1959
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दो शब्द :
इस पाठ का सारांश मनोविज्ञान की भूमिका और महत्व को समझाने पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि मनोविज्ञान, जिसे 'साइकालोजी' कहा जाता है, मानव व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करने वाला विज्ञान है। यह विज्ञान समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, और अर्थशास्त्र जैसे अन्य विज्ञानों के लिए भी आवश्यक है। लेखक ने बताया है कि मनोविज्ञान का उपयोग शिक्षा, बाल विकास, व्यापार, प्रशासन, और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। यह न केवल व्यक्तियों के व्यवहार को समझने में मदद करता है, बल्कि उनके विकास और सफलता में भी योगदान देता है। मनोविज्ञान का अध्ययन शिक्षकों, माता-पिता, और प्रशासकों के लिए आवश्यक है ताकि वे बच्चों और समाज के सदस्यों का सही मार्गदर्शन कर सकें। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि मनोविज्ञान का अध्ययन विभिन्न विधियों से किया जाता है, जिसमें अवलोकन, परीक्षण, और तुलना शामिल हैं। इसके अलावा, मनोविज्ञान की कई शाखाएँ हैं, जैसे कि व्यक्तिगत मनोविज्ञान, सामाजिक मनोविज्ञान, और बाल मनोविज्ञान, जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करती हैं। इस प्रकार, मनोविज्ञान का ज्ञान सभी क्षेत्रों में उपयोगी है और इसे समझना और लागू करना वर्तमान युग में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
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