श्यामा रहस्य तंत्र | Shyama Rahasya Tantra

By: हरिशंकर शास्त्री - Harishankar Shastri
श्यामा रहस्य तंत्र | Shyama Rahasya Tantra by


दो शब्द :

इस पाठ में विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक क्रियाकलापों का वर्णन किया गया है, जिसमें विशेष रूप से आसनों, साधनाओं और पूजा विधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पाठ में बताया गया है कि कैसे साधक विभिन्न आसनों का उपयोग करके साधना करते हैं और साधना के दौरान विशेष ध्यान और मंत्रों का जाप करते हैं। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि साधक को स्वच्छता और ध्यानपूर्वक आसन पर बैठना चाहिए, जिससे वह अपने आत्मा की शुद्धि और उच्चतम ज्ञान की प्राप्ति कर सके। विभिन्न प्रकार के आसनों, जैसे कि वीरासन, मकरासन आदि का वर्णन किया गया है और उनके उपयोग के विभिन्न तरीके बताए गए हैं। इसके अलावा, मंत्रों का उच्चारण, पूजा के विधि-विधान और साधना के दौरान ध्यान केंद्रित करने के तरीके की भी जानकारी दी गई है। पाठ में उल्लेखित क्रियाएँ साधक को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने में मदद करती हैं। सारांश में यह कहा जा सकता है कि यह पाठ साधना की पद्धतियों और पूजा विधियों के महत्व को दर्शाता है, जिसमें शुद्धता, ध्यान और सही आसन का विशेष ध्यान रखा गया है।


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