महाराणा प्रताप स्मृति ग्रन्थ | Maharana Pratap Smriti Granth

- श्रेणी: इतिहास / History साहित्य / Literature
- लेखक: देवीलाल पालीवाल - Devilal Paliwal
- पृष्ठ : 540
- साइज: 19 MB
- वर्ष: 1964
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दो शब्द :
इस पाठ में महाराणा प्रताप के जीवन तथा उनके योगदान का उल्लेख किया गया है। महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण नायक के रूप में देखा जाता है, जो अपने स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए लड़े। पाठ में उल्लेखित है कि महाराणा प्रताप ने अपने समय में मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया और उन्होंने अपने राज्य की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। पुस्तक का प्रकाशन साहित्य संस्थान द्वारा किया गया है और इसमें विभिन्न लेखकों और संपादकों का योगदान भी है। यह ग्रंथ उन सभी महान व्यक्तियों को समर्पित है जिन्होंने स्वतंत्रता और गरिमा के लिए अपने जीवन का बलिदान किया। इसमें उल्लेख किया गया है कि महाराणा प्रताप का जीवन चरित्र हमें प्रेरणा देता है और हमें अपने देश की सेवा और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार, यह पाठ महाराणा प्रताप की वीरता, बलिदान और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में उनके योगदान को उजागर करता है।
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