हिंदी हास्य-व्यंग संकलन | HINDI HASYA-VYANG SANKALAN

- श्रेणी: साहित्य / Literature हिंदी / Hindi
- लेखक: प्रेम जनमेजय - Prem Janamejaya
- पृष्ठ : 264
- साइज: 13 MB
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दो शब्द :
यह पाठ हिंदी हास्य व्यंग्य संकलन का एक हिस्सा है, जिसमें विभिन्न प्रकार के हास्य और व्यंग्यात्मक रचनाएँ शामिल हैं। इसमें समाज, राजनीति, और मानव स्वभाव पर व्यंग्य किया गया है। लेखक ने अपनी लेखनी के माध्यम से वर्तमान समय की विसंगतियों और जटिलताओं को उजागर किया है। पाठ में हास्य का उपयोग करके गंभीर मुद्दों को प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठक न केवल मुस्कुराते हैं, बल्कि सोचने पर भी मजबूर होते हैं। यह संकलन पाठकों को मनोरंजन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण संदेश भी पहुंचाता है, जिससे वे अपने आस-पास की दुनिया को एक नए दृष्टिकोण से देखने की कोशिश करते हैं। इस प्रकार, यह लेखन केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और आलोचना का एक माध्यम भी है।
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