मेगस्थनीज का भारत विवरण | Megasthanij ka Bharat Varnan

- श्रेणी: इतिहास / History
- लेखक: बाबू अवधबिहारी शरण - Babu Awadh Bihari Sharan
- पृष्ठ : 177
- साइज: 18 MB
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दो शब्द :
यह पाठ भारत के विभिन्न जातियों, उनके कार्यों, और उनकी सामाजिक संरचना के बारे में जानकारी देता है। भारत में जातियों का एक विशेष वर्गीकरण है, जिसमें प्रत्येक जाति का एक विशेष कार्य और भूमिका होती है। पाठ में बताया गया है कि भारत में जातियों की संख्या बहुत अधिक है और प्रत्येक जाति का अपना एक विशिष्ट कार्य होता है। इनमें से कुछ जातियां जैसे किसान, शिल्पकार, और अन्य व्यवसायिक जातियां खाद्य उत्पादन और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। इसके अलावा, कुछ जातियां जैसे मंत्री और उपदेशक समाज के हित में कार्य करती हैं और उन्हें उच्च मान्यता प्राप्त होती है। भारत में हाथियों का भी उल्लेख किया गया है, जो कि अन्य देशों के हाथियों से बड़े और अधिक शक्तिशाली होते हैं। हाथियों की प्रजनन दर और जीवनकाल पर भी चर्चा की गई है। पाठ में यह भी बताया गया है कि भारत में विदेशों से संबंधित मामलों की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। भारत के भौगोलिक विस्तार और उसकी सीमाओं के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें विभिन्न प्राचीन लेखकों के विचारों का उल्लेख है, जो भारत के आकार और क्षेत्रफल को लेकर भिन्नता दिखाते हैं। भारत की नदियों और जलवायु के संदर्भ में भी कुछ बातें कही गई हैं, जो भारतीय कृषि और जीवनशैली को प्रभावित करती हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ भारत की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक संरचना का एक समग्र चित्र प्रस्तुत करता है, जिसमें जातियों की भूमिका, हाथियों का महत्व, और भारत के भौगोलिक विस्तार पर चर्चा की गई है।
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