हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास भाग 16 | Hindi Sahitya Ka Brihat Itihas part 16

By: राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan
हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास भाग 16 | Hindi Sahitya Ka Brihat Itihas part 16 by


दो शब्द :

पाठ का सारांश इस प्रकार है: हिंदी साहित्य का बृहत्‌ इतिहास एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका उद्देश्य हिंदी साहित्य के समृद्ध इतिहास को व्यवस्थित और विस्तृत रूप में प्रस्तुत करना है। इस परियोजना के तहत हिंदी साहित्य को 17 भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें विभिन्न कालखंडों और साहित्यिक प्रवृत्तियों का समावेश किया जाएगा। यह योजना नागरीप्रचारिणी सभा द्वारा तैयार की गई है, और इसमें हिंदी साहित्य के उदय, विकास, और विभिन्न धाराओं जैसे भक्तिकाल, अँगारकाल, और आधुनिक साहित्य का समावेश होगा। इस इतिहास को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य हिंदी साहित्य की उपलब्धियों और उसके विकास की यात्रा को एक व्यापक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है। यह न केवल साहित्यिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। लोकसाहित्य को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे सामान्य जन की भावनाओं और अनुभवों को भी अभिव्यक्त किया जा सके। प्रस्तावित इतिहास में हिंदी भाषा और साहित्य के विकास की यात्रा को समझने के लिए विभिन्न लेखकों और कवियों के कार्यों का संकलन किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत साहित्यिक कृतियों की गहन समीक्षा और विश्लेषण किया जाएगा, ताकि हिंदी साहित्य के विभिन्न पहलुओं और उनके संबंध को स्पष्ट किया जा सके। इस प्रकार, यह बृहत्‌ इतिहास हिंदी साहित्य के अध्ययन में एक मील का पत्थर साबित होगा।


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