वैदिक साहित्य और संस्कृति | Vaidic Sahitya Evam Sanskriti

By: बलदेव उपाध्याय - Baldev upadhayay
वैदिक साहित्य और संस्कृति | Vaidic Sahitya Evam Sanskriti by


दो शब्द :

इस पाठ में वेदों के महत्व, उनके स्वरूप, और भारतीय संस्कृति में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि वेद भारतीय धर्म के मूल ग्रंथ हैं, जिनका ज्ञान आज के युग में भी अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, आधुनिक समाज में वेदों के प्रति उदासीनता बढ़ गई है और सामान्य जन भी उनके बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं। लेखक ने वेदों के अध्ययन और उनकी समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है, यह बताते हुए कि प्राचीन और आधुनिक आलोचकों के विचारों को एकत्रित करना महत्वपूर्ण है। ग्रंथ में तीन खंडों का उल्लेख किया गया है: पहला वेदों का परिचय, दूसरा वेदों का ऐतिहासिक अध्ययन, और तीसरा वेदों से संबंधित संस्कृति का विवरण। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि वेदों के गहन अध्ययन की आवश्यकता है ताकि भारतीय संस्कृति की जड़ों को समझा जा सके। ग्रंथ का उद्देश्य छात्रों और सामान्य लोगों के लिए वेदों को सरलता से समझाने का प्रयास करना है, ताकि वे वेदों के गूढ़ रहस्यों और सिद्धांतों को जान सकें। अंत में, लेखक ने वेदों के अध्ययन में सहायक साधनों और व्याकरण के नियमों का संक्षिप्त परिचय भी दिया है, जिससे पाठक वेदिक साहित्य के प्रति जागरूक हो सकें। यह ग्रंथ विशेष रूप से एस. ए. परीक्षा के छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।


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