भारतीय भाषा ज्योति : कन्नड़ - हिंदी | Bharatiya Bhasha Jyoti : Kannada through Hindi

By: एस. एम. तुम्बरमट्टी - S.M. Tumbrmuthi बी. श्यामला कुमारी - B. Shyamala Kumari
भारतीय भाषा ज्योति : कन्नड़ - हिंदी | Bharatiya Bhasha Jyoti : Kannada through Hindi by


दो शब्द :

इस पाठ में भारतीय भाषा ज्योति श्रृंखला की जानकारी दी गई है, जो मुख्य रूप से बहुभाषिकता और भाषा शिक्षा पर केंद्रित है। भारत में सदियों से बहुभाषिकता का प्रचलन रहा है, जो भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा है। विभिन्न भाषाएं लोगों को जोड़ती हैं और उनकी पहचान का हिस्सा होती हैं। भारतीय भाषा संस्थान का उद्देश्य सभी भारतीय भाषाओं का विकास करना और उनके लिए पाठ्य सामग्री का निर्माण करना है। संस्थान ने विभिन्न भारतीय भाषाओं के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए कार्यशालाएं आयोजित की हैं, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा पाठ्य सामग्री तैयार की गई है। इस प्रक्रिया में उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार के साथ सहयोग किया है ताकि असमी, बंगला, उड़िया, मराठी, गुजराती, सिंधी, कश्मीरी, पंजाबी, कन्नड़, मलयालम, तमिल और तेलुगु भाषाओं की पाठ्य सामग्री विकसित की जा सके। इस श्रृंखला में ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान का भी योगदान है, जो सामग्री की परीक्षण और निरीक्षण में मदद करता है। पाठ में यह स्पष्ट किया गया है कि भारतीय संदर्भ में हिंदी का माध्यम बनाना आवश्यक है, क्योंकि हिंदी को मातृभाषा के रूप में बोलने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। इस तरह, भारतीय भाषा ज्योति श्रृंखला का उद्देश्य विभिन्न भारतीय भाषाओं का उचित शिक्षण और प्रचार करना है, जिससे कि सभी भाषाएं सुरक्षित और समृद्ध रह सकें।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *