मैथिलि लोक गीत | Maithili Lok Geet by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश मैथिली लोकगीतों के संग्रह और उनके महत्व पर केंद्रित है। लेखक रामइक़वालसिंह 'राकेश' ने मैथिली लोकगीतों को एकत्रित करने में वर्षों तक मेहनत की है, जिससे यह संग्रह तैयार हुआ है। पाठ में पंडित अमरनाथ द्वारा लिखी गई भूमिका में बताया गया है कि ग्राम्य साहित्य का महत्व कितना बड़ा है, और यह साहित्य जन-साधारण के अनुभवों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। लेखक ने यह उल्लेख किया है कि लोकगीतों में हृदय के वास्तविक उद्गार होते हैं, और ये गीत व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षणों जैसे जन्म, विवाह, शोक, और अन्य मानवीय भावनाओं को व्यक्त करते हैं। मैथिली लोकगीतों की विशेषता यह है कि इनमें सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के विविध पहलुओं का चित्रण होता है। पाठ में यह भी बताया गया है कि मैथिली भाषा का साहित्य बहुत पुराना है और इसमें समय के साथ बदलाव आया है। विद्यापति जैसे कवियों ने इस भाषा में महत्वपूर्ण रचनाएँ की हैं। लेखक ने यह भी सुझाव दिया है कि अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार के लोकगीतों का संग्रह किया जाना चाहिए ताकि इन्हें संरक्षण और मान्यता मिल सके। इस प्रकार, यह पाठ मैथिली लोकगीतों की समृद्धि, उनके संग्रह की आवश्यकता और उनके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को उजागर करता है।


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