महाराष्ट्र शब्दकोष | Maharashtra Dictionary

By: यशवंत रामकृष्ण दाते - Yashwant Ramkrishna Daate
महाराष्ट्र शब्दकोष  | Maharashtra Dictionary by


दो शब्द :

यह पाठ महाराष्ट्र शब्दकोश के प्रकाशन और भाषाशास्त्र के महत्व पर केंद्रित है। इसमें शब्दकोश की रचना, प्रकाशन प्रक्रिया, और भाषाशास्त्र के अध्ययन की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई है। शब्दकोश का संपादन यशवंत रामकृष्ण दाते, चितामण गणेश कर्वे, आबा चांदोरकर, और चितामण शंकर दातार द्वारा किया गया है। इसे 1933 में पुणे में प्रकाशित किया गया था। पाठ में बताया गया है कि भाषा का अध्ययन प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बचपन में हर व्यक्ति अपनी मातृभाषा को स्वाभाविक रूप से सीखता है, लेकिन आगे चलकर अन्य भाषाओं का अध्ययन भी जरूरी हो जाता है। भाषा का अध्ययन केवल व्याकरण के नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके इतिहास और विकास को समझने में भी मदद करता है। भाषा के विकास और उसके विभिन्न रूपों के बारे में भी चर्चा की गई है। इसमें यह बताया गया है कि भाषा का अध्ययन केवल व्यावहारिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, पाठ में भाषा और उसके उच्चारण के महत्व पर भी जोर दिया गया है। अंत में, यह उल्लेख किया गया है कि भाषा का अध्ययन करना, न केवल शब्दों के अर्थ को समझना, बल्कि उन ध्वनियों और संकेतों के माध्यम से भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस प्रकार, पाठ भाषा और शब्दकोश के महत्व को समझने और भाषा के अध्ययन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है।


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