उपवास चिकित्सा | Upwash Chikitsa

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Homoeopathic and Medical Sciences | होमियोपैथिक और चिकित्सा साहित्य / Literature
- लेखक: रामचन्द्र वर्मा - Ramchandra Verma
- पृष्ठ : 544
- साइज: 9 MB
- वर्ष: 1932
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दो शब्द :
इस पाठ में उपवास चिकित्सा के महत्व और लाभ के बारे में चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है, बावजूद इसके कि नई दवाइयाँ लगातार विकसित की जा रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए कई पश्चिमी विद्वानों ने प्राकृतिक तरीकों से रोगों के उपचार की ओर ध्यान दिया है, और इस संबंध में कई ग्रंथ लिखे हैं। पाठ में उपवास चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है, जिसमें जल चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा, योग चिकित्सा, और अन्य प्राकृतिक उपचार विधियों का उल्लेख है। उपवास को एक प्रभावशाली चिकित्सा पद्धति के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो न केवल रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक है, बल्कि स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करता है। लेखक ने बताया है कि उपवास करने से शरीर को आराम मिलता है और यह स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करने में मदद करता है। इसके अलावा, उपवास चिकित्सा को सभी वर्ग के लोग, चाहे वे अमीर हों या गरीब, आसानी से अपना सकते हैं। पाठ में यह भी कहा गया है कि उपवास चिकित्सा को अपनाने से रोगों का इलाज संभव है, और इसके माध्यम से कई रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। इस प्रकार, यह पाठ उपवास चिकित्सा के लाभों, विधियों, और इसके उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास करता है, ताकि लोग इसके माध्यम से अपने स्वास्थ्य को सुधार सकें।
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