संगीत शास्त्र | Sangeet Shastra

By: के. वासुदेव शास्त्री - K. Vasudev Shastri
संगीत शास्त्र | Sangeet Shastra by


दो शब्द :

"संगीत शास्त्र" के लेखक के. वासुदेव शास्त्री ने इस पुस्तक के माध्यम से भारतीय संगीत के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथ भारतीय संगीत पर एक प्रामाणिक स्रोत के रूप में कार्य करेगा, विशेषत: हिंदी भाषा में। पुस्तक का उद्देश्य संगीत के सभी तत्वों को सरल और स्पष्ट रूप से समझाना है, ताकि संगीत के छात्रों और शोधकर्ताओं को इससे लाभ मिले। लेखक ने अपने अनुभव और अध्ययन के आधार पर संगीत शास्त्र की जटिलताओं को समझने का प्रयास किया है। उन्होंने प्राचीन ग्रंथों का गहन अध्ययन किया और संगीत के सिद्धांतों को स्पष्ट करने के लिए विभिन्न अवधारणाओं पर प्रकाश डाला है। पुस्तक में श्रुति, स्वर, राग, ताल, और अन्य संगीत तत्वों के साथ-साथ हिन्दुस्थानी और कर्णाटक संगीत पद्धतियों का भी वर्णन किया गया है। लेखक ने संगीत की विशेषताओं और उसके आनंददायक स्वरूप को भी उजागर किया है, यह बताते हुए कि संगीत न केवल आनंद का साधन है, बल्कि यह मोक्ष की ओर भी ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण साधन है। वे मानते हैं कि संगीत, योग और ज्ञान के साथ मिलकर व्यक्ति को आत्मिक उन्नति की दिशा में मार्गदर्शन करता है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने संगीत शास्त्र के विभिन्न पहलुओं पर शोध करने के इच्छुक लोगों के लिए एक मार्गदर्शक स्रोत प्रस्तुत किया है, जिससे वे संगीत की गहराइयों में जाकर और अधिक ज्ञान अर्जित कर सकें।


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