बंदी जीवन | Bandi Jiwan

- श्रेणी: Freedom and Politics | आज़ादी और राजनीति इतिहास / History कहानियाँ / Stories भारत / India
- लेखक: श्री शचीन्द्रनाथ - Shri Sachindranath
- पृष्ठ : 408
- साइज: 32 MB
- वर्ष: 1938
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दो शब्द :
इस पाठ का मुख्य विषय क्रांतिकारी शचीन्द्रनाथ सान्याल के आत्मचरित्र "बंदी जीवन" का विवरण है। इस पुस्तक में लेखक ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने अनुभवों और संघर्षों का उल्लेख किया है। यह ग्रंथ उन क्रांतिकारियों की कहानियों को उजागर करता है, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया और अपनी मातृभूमि को स्वतंत्रता दिलाने का प्रयास किया। सान्याल ने अपने लेखन में उन रोमांचक और रहस्यमय घटनाओं का सजीव वर्णन किया है, जो उस समय के क्रांतिकारी आंदोलन का हिस्सा थीं। पुस्तक में उनके द्वारा अनुभव की गई यातनाओं, संघर्षों और उनके साथियों की कहानियों का समावेश है। वे अपने समय के महत्वपूर्ण क्रांतिकारी नेताओं के निकट सहयोगी रहे और उन्होंने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को उन वीरों के बलिदान और संघर्ष के प्रति जागरूक करना है, जिन्होंने अपने जीवन को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया। यह ग्रंथ न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि इतिहास की एक अमूल्य धरोहर भी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। सान्याल ने इस ग्रंथ के माध्यम से अपने अनुभवों को साझा किया है, और उनके लेखकत्व की विशेषता यह है कि उन्होंने इन घटनाओं को इतनी प्रभावशाली भाषा में लिखा है कि यह पाठकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ती है। यह पुस्तक स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्रांतिकारी विचारधारा और संघर्ष की भावना को जीवित रखती है।
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