बलिदान (चन्द्र शेखर आजाद की रोमांचकारी जीवनी) | Balidan (chandr Shekhar Aajad Ki Romanchakari Jivani)

By: नन्दकिशोर निगम - Nandkishor Nigam


दो शब्द :

इस पाठ में चंद्रशेखर आज़ाद की जीवनी और उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का वर्णन किया गया है। लेखक नंदकिशोर निगम ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के समय की परिस्थितियों और महात्मा गांधी के आंदोलन के प्रभाव का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के 21 वर्षों बाद भी देश में गरीबी, बेरोजगारी और अन्याय बढ़ा है, जबकि कुछ लोग धनवान बन गए हैं। लेखक ने आज़ाद के जीवन की घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया, जिसमें उनका जन्म, शिक्षा, और स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी शामिल है। आज़ाद ने कई क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया और जेल यात्रा का सामना किया। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष किया और अंत में फांसी की सजा का सामना किया। पाठ में यह संदेश भी है कि आज की युवा पीढ़ी को उन बलिदानों को याद रखना चाहिए और अपने कर्तव्यों को समझना चाहिए। लेखक ने युवाओं के लिए आज़ाद की जीवन कहानी को प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि वे अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें। इस प्रकार, यह पाठ स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों के संघर्ष और बलिदान को उजागर करता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि स्वतंत्रता की असली प्राप्ति अभी भी अधूरी है।


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