ताबीज़ | Tabiz

By: सूर्य वर्मा - Surya Verma
ताबीज़  | Tabiz by


दो शब्द :

इस पाठ में एक ऐतिहासिक कथा का उल्लेख किया गया है जो एशिया-माइनर के धार्मिक युद्धों के संदर्भ में है। इसमें एक ईसाई सैनिक की कहानी है जो धर्म-युद्ध के लिए पेलेस्टाइन की ओर यात्रा कर रहा था। उसका कवच और घोड़े का साज-सामान भारी था, लेकिन वह युद्ध के अनुभव के कारण उस भार का आदी हो चुका था। जब वह रेगिस्तान में यात्रा कर रहा था, तभी उसे एक तुर्क सवार दिखाई देता है। दोनों सवारों के बीच युद्ध होता है। तुर्क सवार अपने कौशल से ईसाई सैनिक को घायल कर देता है, लेकिन ईसाई सैनिक अपनी चतुराई से तुर्क सवार को पकड़ने की कोशिश करता है। दोनों सवारों के बीच संवाद होता है, जिसमें वे एक-दूसरे के प्रति विश्वासघात का संदेह व्यक्त करते हैं। अंततः, दोनों एक-दूसरे से संधि करने का निर्णय लेते हैं और आगे के सफर के लिए एक साथ चलने का निश्चय करते हैं। पाठ में युद्ध, पराक्रम, विश्वास और संधि की गूढ़ बातें बयां की गई हैं, साथ ही यह दिखाया गया है कि कैसे युद्ध के बीच भी मानवीय संबंध और विश्वास की अहमियत होती है।


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