आधुनिक यूरोप का इतिहास | Adhunik Europe Ka Iteha

- श्रेणी: इतिहास / History साहित्य / Literature
- लेखक: सी॰ डी॰ हेजन - C. D. Hejan
- पृष्ठ : 872
- साइज: 43 MB
- वर्ष: 1947
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दो शब्द :
इस पाठ में आधुनिक यूरोप के इतिहास को 1784 से लेकर 1937 तक के समय में विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। लेखक सी. डी. हेज़न ने इस अवधि के दौरान यूरोप में हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों, क्रांतियों, राजनीतिक परिवर्तन और सामाजिक बदलावों का विश्लेषण किया है। लेखक ने यह बताया है कि स्वतंत्रता के लिए संघर्ष ही आधुनिक यूरोप के इतिहास की मुख्य धारा है। अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभिक अध्यायों में यूरोप की पुरातन व्यवस्था और फ्रांसीसी क्रांति का उल्लेख किया गया है, जिसने पुरानी व्यवस्था को चुनौती दी। क्रांति के बाद नेपोलियन का उदय हुआ, जिसने इस संघर्ष को और व्यापक रूप दिया। नेपोलियन की सत्ता और उसके बाद की घटनाओं ने यूरोप में नए विचारों और आंदोलनों को जन्म दिया। लेखक ने यह भी बताया है कि यूरोप में विभिन्न देशों में स्वतंत्रता और राष्ट्रीयता की भावना अलग-अलग रूपों में प्रकट हुई। आर्थिक और सामाजिक तत्वों ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदाहरण के लिए, फ्रांस में स्थिति, इंग्लैंड में मुक्त व्यापार आंदोलन, और रूस में अर्ध-गुलामी का उन्मूलन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, पाठ में यह भी कहा गया है कि 1848 की क्रांतियाँ केवल क्षणिक नहीं थीं, बल्कि उन्होंने यूरोप के इतिहास को एक नई दिशा दी। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि यूरोप का इतिहास एक ज्वार-भाटा जैसा है, जिसमें परिवर्तन और संघर्ष निरंतर जारी है। पाठ का अंत वर्तमान समय में यूरोप के विभिन्न देशों की स्थिति और उनके इतिहास को समझने के लिए आवश्यक ज्ञान पर जोर देते हुए होता है, जिससे पाठक को यह समझ में आता है कि यूरोप और अमेरिका का भाग्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस प्रकार, यह ग्रंथ आधुनिक यूरोप के जटिल और बहुआयामी इतिहास को समझने में सहायक है।
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