चिकित्सा चन्द्रोदय भाग ३ | Chikitsa chandrodaya part 3

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Homoeopathic and Medical Sciences | होमियोपैथिक और चिकित्सा
- लेखक: बाबू हरिदास वैध - Babu Haridas Vaidhya
- पृष्ठ : 192
- साइज: 5 MB
- वर्ष: 1922
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दो शब्द :
इस पाठ में लेखक ने चिकित्सा संबंधी अपने अनुभव और कार्यों का वर्णन किया है। उन्होंने आयुर्वेद पर आधारित एक पुस्तक के विभिन्न भागों के बारे में जानकारी दी है, जिसमें विभिन्न रोगों के निदान, लक्षण और उपचार की विधियाँ शामिल हैं। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि उनके पिछले भागों को पाठकों ने अत्यधिक सराहा है और उनके पुस्तक के प्रति अपार अनुरोध आया है। लेखक ने यह बताया है कि इस भाग में अतिसार, बवासीर, मन्दाग्नि, अजीर्ण, विशुदिका, छमिरोग, पाण्डुरोग, सोजाक, उपदंश और गठिया जैसे रोगों के निदान और चिकित्सा विधियों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि आम लोग भी इसे समझ सकें और अपनी चिकित्सा कर सकें। वे यह चाहते हैं कि लोग आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त करें और बिना किसी बड़े चिकित्सक की सहायता के अपनी और अपने परिवार की स्वास्थ्य रक्षा कर सकें। लेखक ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे एक सामान्य लेखक हैं और उन्होंने इस पुस्तक को लिखने में अपनी पूरी कोशिश की है कि इसे अधिक से अधिक लोग समझ सकें। उन्होंने पाठकों से अपने विचार और सुझाव देने की अपील की है ताकि वे अपनी आगामी पुस्तकों में सुधार कर सकें। इसके साथ ही, उन्होंने अपने काम में सहायता करने के लिए आयुर्वेद प्रेमियों से सहयोग की भी प्रार्थना की है। इस प्रकार, यह पाठ लेखक की चिकित्सा संबंधी लेखन यात्रा और उनकी आयुर्वेद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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