दस प्रतिनिधि कहानियाँ | DAS PRATINIDHI KAHANIYAN

By: पुस्तक समूह - Pustak Samuh विजयदान देथा - Vijaydan Detha


दो शब्द :

इस पाठ में विजय दान देथा द्वारा लिखित "दस प्रातिनिधि कहानियाँ" का संकलन प्रस्तुत किया गया है। इसमें विभिन्न कहानियों के माध्यम से भारतीय समाज, संस्कृति और परंपराओं का चित्रण किया गया है। लेखक ने सरल और सजीव भाषा में पात्रों और उनके जीवन की घटनाओं को दर्शाया है, जिससे पाठक इन कहानियों में गहराई से जुड़ पाते हैं। कहानियों में न केवल सामान्य जीवन की चुनौतियों का सामना करने वाले पात्रों का वर्णन है, बल्कि समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक मुद्दों को भी उजागर किया गया है। यह संग्रह पाठकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि उन्हें सोचने पर भी मजबूर करता है कि कैसे समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है। कुल मिलाकर, "दस प्रातिनिधि कहानियाँ" एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है जो भारतीय लोककथाओं और परंपराओं का समृद्ध भंडार प्रस्तुत करती है। यह संग्रह न केवल हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, बल्कि यह पाठकों को सामाजिक जागरूकता और समझ प्रदान करने में भी सहायक है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *