मराठी रियासत उत्तर विभाग ३ | Marathi Riyasat Uttar Bivhag 3

- श्रेणी: इतिहास / History
- लेखक: गोविन्द सखाराम सरदेसाई - Govind Sakharam Sardesai
- पृष्ठ : 672
- साइज: 48 MB
- वर्ष: 1932
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दो शब्द :
इस पाठ में मराठी रियासत के इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया है, विशेषकर वाजीराव के काल का। पाठ में बताया गया है कि वाजीराव की स्थापना पेशवा पद पर सन् १७९६ में हुई और उनका शासन सन् १८०२ तक रहा, जब मराठा साम्राज्य की स्वतंत्रता समाप्त हो गई। इस समय के दौरान, वाजीराव के शासन का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उनके शासन के दौरान हुए महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख किया गया है। पाठ में यह भी दर्शाया गया है कि वाजीराव की सरकार ने विभिन्न संघर्षों और राजनीतिक घटनाओं का सामना किया। इसके साथ ही, पाठ में उल्लेखित है कि वाजीराव के शासनकाल में विभिन्न लीडरों और सरदारों की भूमिकाएँ और उनके बीच के संघर्षों का भी वर्णन किया गया है। पाठ के अंत में, लेखक ने पाठकों का आभार व्यक्त किया है और आगे के अध्यायों में किए जाने वाले कार्यों का संकेत दिया है। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि इस काल के इतिहास का अध्ययन करते समय लेखक ने विभिन्न स्रोतों और साहित्य को एकत्रित किया है, जिससे एक सुस्पष्ट और संगठित इतिहास प्रस्तुत किया जा सके। इस प्रकार, पाठ मराठी रियासत के इतिहास और वाजीराव के शासनकाल की जटिलताओं को समझाने का प्रयास करता है।
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