ध्यान से आत्म चिकित्सा | Dhyan Se Aatm Chikitsa

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद Hindu Scriptures | हिंदू धर्मग्रंथ स्वसहायता पुस्तक / Self-help book
- लेखक: स्वामी विवेकानंद - Swami Vivekanand
- पृष्ठ : 84
- साइज: 2 MB
- वर्ष: 1927
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में आत्म चिकित्सा और ध्यान के माध्यम से स्वास्थ्य सुधार की प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक 'स्टडीज इन सेल्फ हीलिंग' का हिंदी रूपांतरण है, जिसमें ध्यान के विभिन्न चरणों का उल्लेख किया गया है। लेखक का मानना है कि ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य का संबंध गहरा है, और आत्मा की शुद्धता से शारीरिक और मानसिक रोगों का उपचार संभव है। पुस्तक में बताया गया है कि जब कोई व्यक्ति बीमार होता है, तो वह विभिन्न चिकित्सकों की मदद लेने की कोशिश करता है, लेकिन कभी-कभी केवल ईश्वर पर विश्वास और ध्यान से भी रोगी ठीक हो जाता है। यह विश्वास और ध्यान का एकाग्रता से किया गया अभ्यास रोगों के उपचार में सहायक है। लेखक ने ध्यान के नियमों का भी उल्लेख किया है, जैसे कि एक शांत और सुरक्षित स्थान पर बैठना, मन को एकाग्र करना और बाहरी विकर्षणों से दूर रहना। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत कर सकता है और स्वास्थ्य को सुधार सकता है। इस पाठ में यह भी बताया गया है कि ईश्वर की इच्छा हमेशा हमारे स्वास्थ्य और भलाई के लिए होती है, और हमें अपने मन में सकारात्मक विचारों को बनाए रखना चाहिए। ध्यान और विश्वास के माध्यम से हम अपने जीवन में सुख और शांति प्राप्त कर सकते हैं। अंत में, यह पुस्तक ध्यान के सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक प्रयोगों पर केंद्रित है, जो पाठकों को आत्म-सुधार और स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करती है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.