साहित्य शास्त्र परिचय | Sahitya Shastra Parichay

- श्रेणी: शिक्षा / Education साहित्य / Literature
- लेखक: श्यामलाकांत वर्मा - Shyamlakant Varma
- पृष्ठ : 219
- साइज: 7 MB
- वर्ष: 1983
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दो शब्द :
इस पाठ का उद्देश्य साहित्य-शास्त्र के अध्ययन का परिचय देना है। यह कक्षा 11-12 की हिंदी वैकल्पिक पाठ्यपुस्तक का हिस्सा है, जिसमें साहित्य की विभिन्न विधाओं और उनकी विशेषताओं का विवरण दिया गया है। पुस्तक का निर्माण राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया है, जिसमें यह ध्यान दिया गया है कि पाठ्य सामग्री बच्चों में राष्ट्रीय लक्ष्यों, जैसे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता विकसित करे। इसके अंतर्गत बच्चों के भावात्मक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री का समावेश किया गया है। पुस्तक में साहित्य की परिभाषा, इसका स्वरूप, और ललित कला के महत्व पर चर्चा की गई है। साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कविता, नाटक, कथा साहित्य, उपन्यास आदि का परिचय दिया गया है। इसमें साहित्यिक सौंदर्य तत्वों, रस, शब्द शक्ति, अलंकार, छंद और लय की चर्चा की गई है ताकि छात्र साहित्य के गहरे अध्ययन में सक्षम हो सकें। साहित्य को समाज से जोड़कर देखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, यह दर्शाते हुए कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और समाज के विचारों और संवेदनाओं को व्यक्त करता है। यह पाठ छात्रों को साहित्य के अध्ययन में रुचि उत्पन्न करने और उन्हें साहित्यिक तत्वों के विश्लेषण में सक्षम बनाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इस प्रकार, यह पाठ साहित्य-शास्त्र के अध्ययन के महत्व और उसकी विधाओं का सार्थक परिचय प्रदान करता है, जिससे विद्यार्थी साहित्य में रुचि विकसित कर सकें और उसे समझने की क्षमता प्राप्त कर सकें।
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