हिंदुत्व | Hindutva

By: राम दास गौड़ - Ram Das Gaud


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: "हिन्दुत्व" ग्रंथ के लेखक रामदास गोड़ ने हिन्दू धर्म और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया है। इस ग्रंथ में हिन्दू धर्म के इतिहास, परंपरा, वेदों, उपनिषदों, पुराणों, और विभिन्न सम्प्रदायों का समावेश किया गया है। लेखक ने हिन्दू शब्द की व्युत्पत्ति और इसके प्राचीनता पर भी विचार किया है, तथा इसे फारसी और अन्य भाषाओं से जोड़ते हुए बताया है कि हिन्दू शब्द का उपयोग कैसे हुआ। ग्रंथ के प्रारंभ में हिन्दू को परिभाषित करने का प्रयास किया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि यह शब्द संस्कृत में प्राचीन ग्रंथों में नहीं मिलता, लेकिन फारसी में इसके कई रूपों का उल्लेख है। इसके अलावा, लेखक ने भारत के इतिहास और संस्कृति के संदर्भ में अन्य देशों के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों का भी उल्लेख किया है। रामदास गोड़ ने इस ग्रंथ के माध्यम से हिन्दू धर्म की जड़ों, उसकी धार्मिक ग्रंथों और दर्शन का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया है, जिससे पाठकों को हिन्दू धर्म के विभिन्न पहलुओं का समग्र ज्ञान प्राप्त हो सके। इस ग्रंथ का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना नहीं, बल्कि हिन्दू संस्कृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान उत्पन्न करना भी है। इस प्रकार, "हिन्दुत्व" एक व्यापक विश्वकोश के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो हिन्दू धर्म के अनुयायियों और अन्य पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।


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