कैंसर रोग की चिकित्सा | Cancer Rog Ki Chikitsa

By: अज्ञात - Unknown
कैंसर रोग की चिकित्सा | Cancer Rog Ki Chikitsa by


दो शब्द :

इस पाठ में आयुर्वेद के महत्व और विशेष रूप से कैंसर चिकित्सा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेखक, कविराज श्री अमलकुमार चट्रोपाध्याय, ने कैंसर रोग के विभिन्न पहलुओं, उसकी पहचान, निदान और उपचार के तरीकों का विस्तृत वर्णन किया है। उन्होंने इस विषय पर पहले से कोई व्यापक ग्रंथ न होने का उल्लेख किया है, और अपनी पुस्तक को इस कमी को पूरा करने के लिए प्रस्तुत किया है। पुस्तक के प्रारंभ में लेखक ने आयुर्वेद की वर्तमान स्थिति की आलोचना की है, जिसके अंतर्गत उन्होंने उन चिकित्सकों के दृष्टिकोण का उल्लेख किया है जो कैंसर को असाध्य मानते हैं। लेखक का मानना है कि आयुर्वेद में हर रोग का उपचार संभव है, बशर्ते कि चिकित्सक सही ज्ञान और विधियों का उपयोग करें। उन्होंने आयुर्वेद की मूल सिद्धांतों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया है कि कैंसर का उपचार भी किया जा सकता है। पुस्तक में कैंसर के विभिन्न प्रकारों, जैसे गले, जिव्हा, नाक, स्तन, आदि के कैंसर के विभिन्न चरणों का वर्णन किया गया है। प्रत्येक अध्याय में कैंसर के प्रारंभिक, मध्य और अंतिम चरणों का विश्लेषण किया गया है, साथ ही उनके उपचार के लिए आयुर्वेदिक विधियों का विवरण भी दिया गया है। लेखक ने कई विशेषज्ञों के उद्धरणों के साथ अपनी पुस्तक की उपयोगिता को सिद्ध किया है, जिन्होंने इसे चिकित्सकों और छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया है। अंततः, यह पाठ आयुर्वेदिक चिकित्सा की गहराई और कैंसर जैसे जटिल रोगों के उपचार में इसके संभावित योगदान को उजागर करता है।


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