महाराष्ट्र शब्दकोश विभाग सातवा | Maharashtra shabdkosh Vibhag 7

By: यशवंत रामकृष्ण दाते - Yashwant Ramkrishna Daate
महाराष्ट्र  शब्दकोश  विभाग  सातवा | Maharashtra shabdkosh  Vibhag 7 by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: पाठ में मराठी शब्दकोश निर्माण के प्रयासों का महत्व और इतिहास बताया गया है। यह उल्लेख किया गया है कि यह एक आवश्यक कार्य है और इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सही योजना और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। पाठ में विभिन्न साहित्य सम्मेलनों का उल्लेख किया गया है, जहां शब्दकोश के निर्माण की आवश्यकता और उसकी रूपरेखा पर चर्चा की गई। शब्दकोश के निर्माण की पहली कल्पना 1917 में हुई थी, जब इंदौर में एक साहित्य सम्मेलन के दौरान इसे प्राथमिकता दी गई। इसके बाद विभिन्न साहित्यकारों और विद्वानों ने इस पर विचार किया और कई बार इस विषय पर पत्र लिखे। पाठ में यह भी बताया गया है कि पहले के शब्दकोशों में कई कमियाँ थीं, जैसे कि विषय विशेष तक सीमित होना और नए शब्दों का समावेश न होना। इसके अतिरिक्त, पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में मराठी भाषा में कई नए शब्द शामिल किए गए हैं, विशेषकर अंग्रेजी और अन्य विदेशी भाषाओं से। अंत में, पाठ का निष्कर्ष यह है कि एक व्यापक और पूर्ण मराठी शब्दकोश का निर्माण करने की आवश्यकता है, जो आधुनिक संदर्भ में उपयोगी हो और जिसमें सभी महत्वपूर्ण शब्द, उनके अर्थ, उपयोग और व्याकरणिक जानकारी शामिल हो। इस प्रकार, पाठ में शब्दकोश निर्माण की योजना, आवश्यकताएँ और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।


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