बुद्ध-चर्य्या ( भगवान बुद्ध की जीवनी और उपदेश) | Buddha - Charrya ( Bhagwan Buddha ki jeevani or updesh )

By: राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan
बुद्ध-चर्य्या ( भगवान  बुद्ध  की जीवनी और  उपदेश) | Buddha - Charrya ( Bhagwan Buddha  ki jeevani or updesh ) by


दो शब्द :

इस पाठ में भगवान बुद्ध की जीवनी और उनके उपदेशों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। लेखक राहुल सांकृत्यायन ने बुद्ध के जीवन की घटनाओं को पालि त्रिपिटक से संकलित किया है और साथ में अन्य स्रोतों से जानकारी जोड़कर एक समग्र दृष्टिकोण दिया है। उनका उद्देश्य है कि पाठक बुद्ध के जीवन और उनके विचारों को बेहतर तरीके से समझ सकें। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि कुछ स्थानों पर त्रुटियाँ और खामियाँ हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने पाठकों की सुविधा के लिए टिप्पणियाँ और शब्द-सूचियाँ भी शामिल की हैं। बुद्ध के समय की ऐतिहासिक और भौगोलिक जानकारी को भी ध्यान में रखा गया है। उन्होंने बुद्ध के उपदेशों को "धर्म" और "विनय" के रूप में वर्गीकृत किया है और पहले संगीति के महत्व को बताया है। लेखक ने अपनी यात्रा और शोध के अनुभवों को साझा किया है, जिसमें उन्होंने बौद्ध धर्म के उत्थान और पतन की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। बुद्ध के अनुयायियों का प्रभाव और उनकी शिक्षाओं का प्रसार भारतीय संस्कृति पर किस तरह से पड़ा, इस पर भी प्रकाश डाला गया है। अंत में, लेखक ने इस ग्रंथ के प्रकाशन की प्रक्रिया का भी वर्णन किया है, जिसमें विभिन्न मित्रों और सहयोगियों की भूमिका को सराहा गया है। इस प्रकार, यह ग्रंथ न केवल बुद्ध की जीवनी और उपदेशों का संग्रह है, बल्कि बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक संदर्भ और उसके प्रभावों की भी जानकारी प्रदान करता है।


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