मम्मटाचार्य काव्य प्रकाश | Mammatacharya Kavyaprakash

- श्रेणी: काव्य / Poetry संस्कृत /sanskrit साहित्य / Literature
- लेखक: श्रीनिवास शास्त्री - Shri Nivas Shastri
- पृष्ठ : 734
- साइज: 19 MB
- वर्ष: 1970
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दो शब्द :
यह पाठ "काव्यश्रकारश" की एक समीक्षात्मक व्याख्या है, जिसे भम्मठाचार्य द्वारा लिखा गया है। इसमें संस्कृत प्रलद्डार-शास्त्र के विकास का संक्षिप्त परिचय दिया गया है, और आचार्य मम्मट के योगदान को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। पाठ का उद्देश्य छात्रों और विद्वानों को इस ग्रंथ की गहरी समझ प्रदान करना है। हिन्दी व्याख्या में काव्य के विभिन्न पहलुओं को समझाया गया है, जैसे कि काव्य का स्वरूप, प्रयोजन, हेतू, और ध्वनि आदि। इसमें शब्द और अर्थ के संबंध, व्यंजना और अभिव्यक्ति के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई है। पाठ में उदाहरणों के साथ व्याख्या की गई है ताकि पाठक बेहतर समझ सकें। लेखक ने इस व्याख्या के माध्यम से काव्यशास्त्र की जटिलताओं को सरलता से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों और विद्वानों के विचारों का उल्लेख किया है, जिससे पाठक को विषय का व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होता है। इस पुस्तक में विद्यमान सभी जानकारियों का उद्देश्य काव्य और उसकी संरचना को स्पष्ट करना है, ताकि छात्रों की जिज्ञासा को संतुष्ट किया जा सके। कुल मिलाकर, यह व्याख्या काव्यशास्त्र के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ है, जिसमें कई गूढ़ विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
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