सामाजिक समस्याएँ और सामाजिक परिवर्तन | Samajik Samasyayen Aur Samajik Parivartan

By: राम आहूजा - Ram Ahuja


दो शब्द :

इस पाठ में डॉ. राम आहूजा ने सामाजिक समस्याओं और सामाजिक परिवर्तनों पर चर्चा की है। उन्होंने बताया है कि समाज में विविध समस्याएँ मौजूद होती हैं, और इनका अध्ययन एक नए दृष्टिकोण से करना जरूरी है। सामाजिक समस्याओं को समझने के लिए उन पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है जो सामाजिक संरचना, संस्कृति, और समय के संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हैं। सामाजिक समस्याएँ केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि ये पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। इनमें भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता, बेरोजगारी, नशाखोरी आदि शामिल हैं, जबकि व्यक्तिगत समस्याएँ एक व्यक्ति विशेष से संबंधित होती हैं। सामाजिक समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, क्योंकि ये समस्याएँ समाज के मूल्यों और संरचना को चुनौती देती हैं। डॉ. आहूजा ने सामाजिक समस्याओं की परिभाषाएँ भी प्रस्तुत की हैं, जिनमें यह बताया गया है कि ये समस्याएँ समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और इनका निवारण सामूहिक क्रियाओं द्वारा किया जा सकता है। इसके साथ ही, सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए एक जागरूकता, नीति-निर्धारण, और उसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। अंततः, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि सामाजिक समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए आवश्यक है कि समाज में एक स्वस्थ संवाद और समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे समाज की संरचना को मजबूत किया जा सके और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जा सके।


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