हिंदी साहित्य का बृहत इतिहास (दशम भाग ) | Hindi Sahitya Ka Brihhat Itihas (part-10)

By: डॉ. नगेन्द्र - Dr.Nagendra
हिंदी साहित्य का बृहत इतिहास (दशम  भाग ) | Hindi Sahitya Ka Brihhat Itihas (part-10) by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: यह पाठ हिंदी साहित्य के बृहत् इतिहास के प्रकाशन की योजना की चर्चा करता है, जिसे काशी नागरीप्रचारिणी सभा द्वारा तैयार किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य हिंदी साहित्य की ऐतिहासिक, सामाजिक और साहित्यिक प्रवृत्तियों का विस्तृत विवेचन करना है। पाठ में बताया गया है कि हिंदी साहित्य का विकास पिछले एक हजार वर्षों में हुआ है और इसमें संतों और भक्त कवियों के योगदान को भी शामिल किया गया है। हिंदी साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में बिखरे हुए साहित्यिक स्रोतों को एकत्र करना और उन्हें प्रकाशित करना इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। पाठ में यह भी बताया गया है कि हिंदी साहित्य का इतिहास विभिन्न खंडों में विभाजित किया गया है, जिसमें अलग-अलग युगों और साहित्यिक धाराओं का समावेश किया गया है। यह योजना विद्वानों के सहयोग से बनाई गई है और इसमें कई महत्वपूर्ण विद्वानों की भूमिका है। पाठ में यह भी उल्लेखित है कि हिंदी साहित्य के इतिहास में लोक साहित्य को भी शामिल किया गया है, जो कि समाज की भावनाओं और संवेदनाओं का प्रत्यक्ष दर्शाता है। साथ ही, पाठ में यह भी कहा गया है कि हिंदी साहित्य के अध्ययन से अन्य भारतीय भाषाओं के विकास को समझने में मदद मिलेगी। यह योजना न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समझ को भी बढ़ाएगी। अंत में, पाठ में इस महत्वपूर्ण कार्य के सफल होने की शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं।


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