संस्कृत का साहित्य इतिहास | Sanskrit Sahitya ka Itihas

- श्रेणी: भाषा / Language संस्कृत /sanskrit साहित्य / Literature
- लेखक: सेठ कन्हैया लाल पोद्दार - Seth Kanhaiya Lal Poddar
- पृष्ठ : 232
- साइज: 7 MB
- वर्ष: 1948
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दो शब्द :
रामबिलास पोदार एक प्रतिभाशाली व्यापारी और समाजसेवी थे जिनका जन्म 3 सितंबर 1913 को मुंबई में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर से प्राप्त की और बाद में मुंबई के मारवाड़ी विद्यालय तथा सेंट जेवियर्स कॉलेज में अध्ययन किया। रामबिलासजी ने बी.ए. की डिग्री प्राप्त की, लेकिन व्यापार के कारण आगे की पढ़ाई को छोड़ दिया। व्यापार में उन्होंने कई सफलताएँ हासिल कीं और अनेक नए विभाग स्थापित किए। इसके अलावा, उन्होंने असहाय छात्रों की मदद की और 'मारवाड़ी स्पोर्ट्स क्लब' की स्थापना की। शिक्षा के प्रति उनकी गहरी रुचि थी और वे कई शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल थे। उनकी देशभक्ति और सामाजिक सेवा की भावना ने उन्हें अपने समय के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बना दिया। दुर्भाग्यवश, रामबिलासजी का निधन 6 जुलाई 1936 को एक मोटर दुर्घटना में हो गया, जब वे केवल 23 वर्ष के थे। उनके निधन से उनके परिवार, मित्रों और समाज में गहरा शोक फैल गया। इसके पश्चात, 'श्री रामबिछास पोदार स्मारक समिति' की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य उनकी जीवनी और कार्यों का संग्रह करना और साहित्य को हिंदी में प्रकाशित करना था। इस स्मारक समिति ने अनेक ग्रंथों का प्रकाशन किया, जिसमें 'संस्कृत साहित्य का इतिहास' भी शामिल है। इस तरह रामबिलास पोदार की स्मृति और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। उन्हें एक शिक्षाप्रेमी, विद्वान और व्यापार कुशल व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है, जिनमें सदाचारिता, उदारता और देशभक्ति की भावना प्रबल थी।
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