हिंदुस्तान कहावत कोश | Hindustani Kahavat Kosh

- श्रेणी: भारत / India भाषा / Language शब्दकोष/ Dictionary साहित्य / Literature
- लेखक: बालकृष्ण फेसकर - Balkrishna Feskar
- पृष्ठ : 412
- साइज: 21 MB
- वर्ष: 1967
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दो शब्द :
इस पाठ में उन्नीसवीं सदी के कुछ अंग्रेज़ों द्वारा भारतीय भाषाओं पर किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया गया है। विशेष रूप से स्व. श्री एस. उब्ल्यू. फेलन का काम महत्वपूर्ण है, जिन्होंने हिन्दुस्तानी-अंग्रेज़ी कोश और अन्य संबंधित ग्रंथों की रचना की। फेलन ने विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों की कहावतों और मुहावरों को संग्रहित किया, जिससे भारतीय भाषाओं का गद्य निर्माण संभव हो सका। उनका काम न केवल भाषाई दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि इसने इतिहास और संस्कृति को भी उजागर किया। इस ग्रंथ का संपादन कप्तान आर. सी. टेम्पल और श्री कृष्णानन्द गुप्त ने किया है, जिसमें भारतीय लोक-साहित्य का ज्ञान भी समाहित है। यह पुस्तक पहली बार हिन्दी लिपि में प्रकाशित की जा रही है, और इसमें विभिन्न प्रकार की कहावतों और मुहावरों का संग्रह है। कहावतों के माध्यम से पाठक भारतीय समाज की सोच और परंपराओं को समझ सकते हैं, क्योंकि ये कहावतें अक्सर ऐतिहासिक तथ्यों और सामाजिक मान्यताओं को दर्शाती हैं। पाठ में विभिन्न कहावतों का अर्थ और उनके उपयोग का भी विस्तार से वर्णन किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये कहावतें किस प्रकार जीवन के विभिन्न पहलुओं को परिभाषित करती हैं। इस प्रकार, यह ग्रंथ भारतीय भाषाओं और उनके साहित्यिक धरोहर के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है।
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