सात सवाल | Saat Sawal

- श्रेणी: दार्शनिक, तत्त्वज्ञान और नीति | Philosophy साहित्य / Literature
- लेखक: अमृता प्रीतम - Amrita Pritam
- पृष्ठ : 132
- साइज: 47 MB
- वर्ष: 1986
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दो शब्द :
इस पाठ में अमृता प्रीतम की पुस्तक "सात सवाल" के कुछ अंश और विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इसमें विभिन्न कलाकारों और साहित्यकारों के साथ बातचीत के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत यात्रा, संघर्ष, और कला के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाया गया है। कहानी की शुरुआत तीन दोस्तों - चित्रकार हरकृष्ण लाल, शायर साहिर लुधियानवी, और संगीतकार जयदेव की चर्चा से होती है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में नाम कमाया। वे अपने बचपन के सपनों और संघर्षों को साझा करते हैं, जिसमें उन्होंने अपने परिवारों की अपेक्षाओं के खिलाफ जाकर कला को चुना। हरकृष्ण लाल अपनी कला की यात्रा के बारे में बताते हैं कि कैसे उन्होंने चित्रकला को चुना, जबकि समाज और परिवार के दबावों का सामना किया। साहिर की कहानी प्रेम और धार्मिक भिन्नताओं के बीच संघर्ष पर आधारित है, जबकि जयदेव की यात्रा संगीत के प्रति उनके जुनून को दर्शाती है। पाठ में यह भी कहा गया है कि सभी तीनों ने अपने जीवन में अविवाहित रहने का चुनाव किया, जो कि उनके करियर और कला के प्रति समर्पण का परिणाम था। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से समाज की समस्याओं को उजागर किया और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। अंत में, हरकृष्ण लाल अपने चित्रों के माध्यम से अदृश्य शक्तियों के अनुभव की बात करते हैं, जो उन्हें सृजन में सहायता करती हैं। यह बताता है कि कला केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक गहन अनुभव और आंतरिक यात्रा है। इस प्रकार, यह पाठ न केवल इन कलाकारों की व्यक्तिगत कहानियों को साझा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कला के प्रति उनका समर्पण और संघर्ष कैसे उन्हें उनके लक्ष्यों तक पहुँचाने में मदद करता है।
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