संक्षिप्त सूरसागर | Sankshipt Sursagar

- श्रेणी: काव्य / Poetry धार्मिक / Religious भक्ति/ bhakti
- लेखक: बेनी प्रसाद - Beni Prasad
- पृष्ठ : 562
- साइज: 1354 MB
- वर्ष: 1926
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दो शब्द :
इस पाठ में सूरदास के जीवन और उनके काव्य का उल्लेख किया गया है। सूरदास एक प्रमुख संत कवि थे, जिन्होंने भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका कार्य कृष्ण भक्ति पर आधारित है, जिसमें उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया है। सूरदास का जीवन सरल और भक्तिमय था, और उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से भक्ति को स्थापित किया। पाठ में बताया गया है कि सूरदास का काव्य विभिन्न स्कंधों में विभाजित है, जिनमें उनकी रचनाएँ और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है। सूरदास की कविताएँ भावनाओं और भक्ति के गहरे अनुभवों से भरी होती हैं, जो पाठकों को कृष्ण की दिव्यता का अनुभव कराती हैं। सूरदास का साहित्य भारतीय साहित्य में विशेष स्थान रखता है, और उनके योगदान को समझने के लिए उनके जीवन और काव्य का अध्ययन आवश्यक है। पाठ अंत में सूरदास के काव्य के विभिन्न स्कंधों की सूची प्रस्तुत करता है, जो उनकी रचनाओं की विविधता और गहराई को दर्शाता है।
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