कबीर साहेब का सखि संग्रा भाग- 1 व 2 | Kabir Saheb Ka Saakhi Sangrah Part 1 & 2

By: कबीरदास - Kabirdas
कबीर साहेब का सखि संग्रा भाग- 1 व 2 | Kabir Saheb Ka Saakhi Sangrah Part 1 & 2 by


दो शब्द :

इस पाठ में संतबानी पुस्तक-साला के उद्देश्य और संकलन की प्रक्रिया का विवरण दिया गया है। यह बताया गया है कि संतबानी पुस्तक-माला का मुख्य लक्ष्य उन उपदेशों और विचारों को संरक्षित करना है जो समय के साथ लुप्त हो रहे हैं। विभिन्न संतों की रचनाओं को एकत्रित करने में काफी मेहनत और खर्च किया गया है। इन रचनाओं को शुद्धता के साथ छापने की कोशिश की गई है, ताकि पाठकों को सही जानकारी मिल सके। पुस्तक में संतों की बानी के साथ-साथ उनके जीवन-चरित और उपदेशों का भी संकलन किया गया है। पाठकों से अनुरोध किया गया है कि वे यदि पुस्तकों में कोई त्रुटि या दोष पाते हैं, तो उसकी जानकारी प्रकाशक को दें, ताकि भविष्य में उसे सुधारा जा सके। इसके अलावा, पाठ में अन्य अनूठी हिंदी पुस्तकों का भी उल्लेख किया गया है, जो प्रेम और भक्ति के विषयों पर आधारित हैं। अंत में, यह बताया गया है कि पुस्तक-साला का कार्यालय इलाहाबाद में है और वहाँ से ये पुस्तकें उपलब्ध हैं।


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