सोमनाथ महालय ऐतिहासिक उपन्यास | Somnath Mahalay Etihasik Upnyas

- श्रेणी: इतिहास / History उपन्यास / Upnyas-Novel साहित्य / Literature
- लेखक: आचार्य चतुरसेन शास्त्री - Acharya Chatursen Shastri
- पृष्ठ : 409
- साइज: 5 MB
- वर्ष: 1958
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में "सोमनाथ महाल्य" का वर्णन किया गया है, जो एक ऐतिहासिक उपन्यास है। उपन्यास में सोमनाथ के महाल्य की भव्यता और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया गया है। महाल्य का निर्माण भव्य शिल्पकला और सामग्री से किया गया था, जिसमें सोने, चांदी और अनमोल रत्नों का उपयोग किया गया था। यहाँ विभिन्न देवदासियों द्वारा नृत्य और गान की परंपरा भी थी, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती थी। उपन्यास में यह भी वर्णित है कि कैसे इस महाल्य के आसपास विभिन्न राजा-महाराजा पूजा करने आते थे और वहां की समृद्धि के कारण यह स्थान प्रसिद्ध था। पाठ में यह दर्शाया गया है कि कैसे समय के साथ इस महाल्य की संपत्ति और वैभव को शत्रुओं ने लूट लिया। विशेष रूप से महमूद के आक्रमण का उल्लेख है, जिसने इस भव्य महाल्य को नष्ट कर दिया। लेखक ने यह भी बताया है कि इस उपन्यास के माध्यम से पाठकों को देशभक्ति और एकता का संदेश दिया गया है। इसके माध्यम से यह दिखाया गया है कि कैसे विभिन्न भारतीय जातियों के बीच कलह और संघर्ष के कारण देश को नुकसान हुआ। अंत में, उपन्यास का संदेश यह है कि एकता में ही शक्ति है और हमें अपने देश के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए। इस प्रकार, यह उपन्यास न केवल सोमनाथ महाल्य की ऐतिहासिक कहानी है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक और राजनीतिक चेतना का भी प्रतीक है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.