कल्याण बुक | Kalyan Book

By: अज्ञात - Unknown
कल्याण बुक  | Kalyan Book by


दो शब्द :

इस पाठ में विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों का वर्णन किया गया है। इसमें श्रीचैतन्य महाप्रभु, नित्यानंद, और भगवान नारायण की भक्ति और उनके प्रति devotion को दर्शाया गया है। पाठ में गजराज की कथा का उल्लेख है, जिसमें गजराज ने भगवान नारायण का नाम लेकर उनकी सहायता मांगी और भगवान ने उसे संकट से बचाया। इसके अतिरिक्त, भक्तों की भक्ति और उनकी पूजा विधियों का भी उल्लेख किया गया है। गणेश जी की पूजा में पहले आने वाले का विशेष मान देने का एक रोचक प्रसंग है। यह पाठ साधक-संघ और गीता-रामायण प्रचार संघ के कार्यों का भी उल्लेख करता है, जिसमें सदस्यों को कोई शुल्क नहीं लिया जाता और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया जाता है। पाठ में यह भी कहा गया है कि निस्वार्थ सेवा और भक्ति का महत्व है। भक्तों को कामनाओं से मुक्त रहने और दूसरों की भलाई के लिए प्रार्थना करने की प्रेरणा दी गई है। अंत में, भगवान की कृपा और शरण पाने के लिए प्रार्थनाएँ की गई हैं, जिसमें भक्त अपने हृदय की शुद्धता और संसार के तापों से मुक्ति की कामना करते हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ भक्ति, सेवा, और धार्मिकता के महत्व को उजागर करता है और विभिन्न भक्तों की श्रद्धा और भगवान के प्रति उनकी अडिग भक्ति का वर्णन करता है।


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