विविध प्रसंग | Vividh Prasang

- श्रेणी: Cultural Studies | सभ्यता और संस्कृति साहित्य / Literature
- लेखक: स्वामी भास्करेश्वरानन्द - Swami Bhaskareshvaranand
- पृष्ठ : 150
- साइज: 2 MB
- वर्ष: 1953
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दो शब्द :
इस पाठ में स्वामी विवेकानंद की अद्वितीय प्रतिभा और उनके विचारों का वर्णन किया गया है। उन्हें न केवल आध्यात्मिक क्षेत्र में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में एक महान व्यक्तित्व माना गया है। प्रोफेसर जे.एच. राइट ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनसे परिचय प्राप्त करना मानो पूरी दुनिया के ज्ञान को समझने की कोशिश करना है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत किया गया है, जैसे भक्तियोग, कर्मयोग, और मुक्ति के मार्ग। पुस्तक में उनके द्वारा दिए गए व्याख्यानों के माध्यम से उन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने मौलिक विचार प्रस्तुत किए हैं। यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि यदि भारत स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित हो सके तो वह अपने अतीत की गौरवमयी स्थिति को पुनः प्राप्त कर सकता है। लेखक ने डॉ. महादेवप्रसाद जी का धन्यवाद किया है, जिन्होंने इस पुस्तक का अंग्रेजी से हिंदी में सफल अनुवाद किया। अंत में, यह कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के भारत के सर्वांगीण विकास में बेहद उपयोगी सिद्ध होंगे।
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