श्री रामचरितमानस | Shri Ramcharitmanas

By: हनुमान प्रसाद पोद्दार - Hanuman Prasad Poddar


दो शब्द :

श्रीरामचरितमानस का स्थान हिंदी साहित्य में अद्वितीय है। यह ग्रंथ न केवल काव्य के लक्षणों से युक्त है, बल्कि यह सभी रसों का आस्वादन कराने वाला है। इसमें आदर्श जीवन, राजधर्म, पारिवारिक जीवन, और भक्तिज्ञान की शिक्षा मिलती है। इसकी लोकप्रियता इस बात से प्रमाणित होती है कि इसके अनेक संस्करण और टीकाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। रामचरितमानस का अध्ययन सभी वर्गों के लोगों द्वारा किया जाता है, चाहे वे शिक्षित हों या अशिक्षित, गृहस्थ हों या संन्यासी। यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान और नीति का प्रचार करता है। इसके पाठ से अनेक कार्य सिद्ध होते हैं और श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। गीता प्रेस ने पिछले वर्षों में कई प्रकार के सटीक और सुलभ संस्करण प्रकाशित किए हैं। इनमें से कुछ संस्करण चित्रित और छोटे आकार में हैं, जो पाठकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुए हैं। विभिन्न संस्करणों में त्रुटियों को सुधारने और पाठ की सटीकता को बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि रामचरितमानस न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह मानवता के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है, विशेषकर वर्तमान समय में जब विश्व में अशांति और संघर्ष का माहौल है। इसके अध्ययन और अनुशासन से समाज में शांति और प्रेम का प्रसार संभव है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *