वनोषधि निदर्शिका | Vanoshadhi Nidarshika

- श्रेणी: Ayurveda | आयुर्वेद
- लेखक: राम सुशील सिंह - Ram Sushil Singh
- पृष्ठ : 512
- साइज: 28 MB
- वर्ष: 1961
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दो शब्द :
इस पाठ का सारांश आयुर्वेद और उसकी औषधियों के महत्व पर केंद्रित है। लेखक, डॉ. रामसुशील सिंह, ने आयुर्वेद को भारतीय चिकित्सा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है, जिसमें प्राकृतिक वनस्पतियों का उपयोग किया जाता है। भारतीय ऋषियों द्वारा खोजी गई औषधियों जैसे अनार, अडूसा और अजमोद का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि ये सस्ती और आसानी से उपलब्ध भी हैं। पुस्तक में इन औषधियों के गुण, दोष और उपयोग का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे पाठक उन्हें सही तरीके से पहचान और उपयोग कर सकें। इसमें औषधियों के विभिन्न नामों का उल्लेख किया गया है, साथ ही संस्कृत, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में भी उनके नाम दिए गए हैं। लेखक ने यह भी बताया है कि आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक फार्माकोपिया की आवश्यकता है, ताकि औषधियों के मानकीकरण और एकरूपता को स्थापित किया जा सके। स्वतंत्रता के बाद, सरकार ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को सुदृढ़ करने के लिए कई प्रयास किए हैं, जिसमें आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा की मान्यता और विकास शामिल है। इस पुस्तक का उद्देश्य आयुर्वेद में रुचि रखने वाले लोगों और विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे औषधियों का सही उपयोग कर सकें और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की गुणवत्ता को बढ़ा सकें। लेखक ने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी विद्वानों और विशेषज्ञों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
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