हमारा संविधान | Hamara Samvidhan

By: राजेंद्र प्रसाद - Rajendra Prasad
हमारा संविधान | Hamara Samvidhan by


दो शब्द :

यह पाठ भारत के संविधान के बारे में है, जिसमें संविधान के निर्माण, उसकी विशेषताओं और उद्देश्यों का संक्षेप में वर्णन किया गया है। इसकी शुरुआत संविधान सभा के विकास से होती है, जिसमें महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के विचारों का उल्लेख है। संविधान सभा की स्थापना की प्रक्रिया और उसमें शामिल विभिन्न दलों की स्थिति का वर्णन किया गया है। संविधान के निर्माण में प्रमुखता से डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका का उल्लेख है, जिन्होंने संविधान का अंतिम रूप दिया। संविधान के उद्देश्यों में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, सभी नागरिकों के लिए समानता और स्वतंत्रता की सुरक्षा शामिल है। संविधान के मुख्य तत्वों में मौलिक अधिकारों, नागरिकता, और राज्य की नीति के निर्देशक तत्वों का उल्लेख किया गया है। यह संविधान न केवल भारत के लिए बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करता है। पाठ में यह भी बताया गया है कि संविधान ने भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में परिभाषित किया है, जिसमें विभिन्न धर्मों और जातियों का सम्मान किया जाता है। अंत में, यह संविधान को एक विस्तृत दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करता है, जो भारतीय समाज की विविधता और जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।


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