बर्नियर की भारत यात्रा | Barniyar Kii Bhaarat Yaatraa

By: गंगा प्रसाद गुप्त - Ganga Prasad Gupt
बर्नियर की भारत यात्रा | Barniyar Kii Bhaarat Yaatraa by


दो शब्द :

फेंव्किस बर्नियर की भारत यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा विवरण है जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों और अवलोकनों को साझा किया है। बर्नियर ने पहले पलेप्टाइन और ईजिप्ट की यात्रा की और फिर लाल समुद्र के रास्ते जद्द और मक्का पहुंचे। मक्का में उन्हें मुसलमानों की पवित्र भूमि में कदम रखने की अनुमति नहीं थी, इसलिए वह वहां से आगे बढ़े। उन्होंने अपने मार्ग में कई चुनौतियों का सामना किया और अंततः मुगल साम्राज्य के भारत पहुंचे। भारत में, बर्नियर ने मुगलों के राजवंश के बारे में जानकारी हासिल की, विशेषकर शाहजहां और उनके पुत्रों की। उन्होंने मुगलों के वंश का जिक्र किया, जो तैमूर से संबंधित थे। बर्नियर ने शाहजहां के शासन और उसकी बीमारियों का उल्लेख किया, साथ ही उसके चार पुत्रों दारा शिकोह, सुलतान शुजा, औरंगजेब, और मुरादबख्श का वर्णन किया। दारा शिकोह को उन्होंने एक गुणी लेकिन घमंडी व्यक्ति के रूप में चित्रित किया, जबकि सुलतान शुजा को अधिक विनम्र और दृढ़ विचार वाला बताया। दोनों भाइयों के बीच की प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक संघर्षों का भी उन्होंने उल्लेख किया, जो अंततः सत्ता के लिए लड़ाई में परिवर्तित हुआ। बर्नियर ने मुघल दरबार की राजनीति, वहां की सामंती व्यवस्था और विभिन्न धर्मों के बीच के संबंधों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मुगल साम्राज्य में भूमि का स्वामित्व बादशाह के हाथ में होता था और दरबारियों को केवल पेंशन के रूप में भूमि दी जाती थी। इस यात्रा विवरण में बर्नियर ने भारतीय संस्कृति, राजनीति, और समाज को गहराई से समझने का प्रयास किया है, जिससे यह पाठ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज बन गया है।


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