महाभारत | Mhabharat

- श्रेणी: दार्शनिक, तत्त्वज्ञान और नीति | Philosophy धार्मिक / Religious भारत / India
- लेखक: प्रियदर्शी प्रकाश - Priyadarshi Prakash
- पृष्ठ : 228
- साइज: 2 MB
- वर्ष: 2020
-
-
Share Now:
दो शब्द :
महाभारत की कथा सत्य और अन्याय के संघर्ष पर आधारित है, जिसमें शौर्य, वीरता और बलिदान की प्रेरणाएँ भरी हुई हैं। यह कहानी हमें कौरव और पांडवों के बीच के संघर्ष के माध्यम से शिक्षा देती है। महाभारत की गाथा महर्षि वेदव्यास द्वारा सुनाई गई थी और इसमें राजा शांतनु की कहानी प्रमुख है। शांतनु ने गंगा नदी के किनारे एक सुंदर युवती से विवाह किया, जिसने राजा को शर्तें रखकर वचनबद्ध किया। राजा की पत्नी, जो वास्तव में गंगा थीं, ने सात पुत्रों को जन्म देने के बाद उन्हें नदी में बहा दिया, जिससे राजा बहुत दुखी हुए। अंततः, जब उन्होंने अपनी पत्नी का रास्ता रोका और अपने दुख का इजहार किया, तो गंगा ने उन्हें बताया कि वह गंगा है और उनके बच्चों का जन्म एक विशेष कारण से हुआ था। गंगा ने राजा को बताया कि उनके आठवें पुत्र का नाम देवब्रत है, जिसे उसने विशेष शिक्षा देकर बड़ा किया है। देवब्रत बाद में भीष्म के नाम से जाने गए। महाभारत में अन्य महत्वपूर्ण पात्र भी हैं, जैसे युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन और कर्ण, जो अपने-अपने गुणों और क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। महाभारत न केवल एक युद्ध की कहानी है, बल्कि यह प्रेम, सत्य, न्याय और धर्म के प्रति जागरूकता का संदेश भी देती है। यह कथा भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसे अनेक रचनाकारों ने विभिन्न रूपों में प्रस्तुत किया है। महाभारत का पाठ हमारे लिए ज्ञान और अनुभव का एक अनमोल खजाना है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.