कुमारसम्भवम | Kumārasambhava

By: कालिदास - Kalidas
कुमारसम्भवम | Kumārasambhava by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: पाठ में महाकवि कालिदास द्वारा रचित "कुमारसंभवम्" का वर्णन किया गया है। इसमें हिमालय पर्वत का उल्लेख है, जो देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। हिमालय की महिमा और उसकी भव्यता का बखान करते हुए, पाठ में उस स्थान के प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व को दर्शाया गया है। इसके साथ ही, कालिदास ने हिमालय की विशेषताओं, जैसे उसकी महानता और स्थिरता, का भी उल्लेख किया है। पाठ में पार्वती और शिव के प्रेम कहानी की शुरुआत का वर्णन है, जहां पार्वती की सुंदरता और उसके जन्म के संदर्भ में चर्चा की गई है। पार्वती, जो हिमालय की पुत्री हैं, का विवाह भगवान शिव से होने वाला है। पाठ में पार्वती के जन्म के समय का माहौल, उसकी खूबसूरती और उसकी विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। कुल मिलाकर, पाठ में भारतीय संस्कृति, धर्म और साहित्य का समन्वय दिखाया गया है, जिसमें कालिदास की काव्यात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।


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