मुग़ल कालीन भारत | Mugal Kalin Bharat

By: आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव - Ashirbadi Lal Srivastava
मुग़ल कालीन भारत  | Mugal Kalin Bharat by


दो शब्द :

यह पाठ मुग़ल कालीन भारत के इतिहास पर आधारित एक पुस्तक का परिचय और सारांश प्रस्तुत करता है। पुस्तक का उद्देश्य छात्रों और अध्यापकों की आवश्यकताओं को पूरा करना है और यह फ़ारसी, मराठी, और अन्य भाषाओं में उपलब्ध सामग्री के गहन अध्ययन पर आधारित है। पुस्तक में सल्तनत युग और मुग़ल काल का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। सल्तनत युग को विदेशी सत्ता का इतिहास माना गया है जबकि मुग़ल काल में भारतीय राष्ट्रवाद और इस्लामी प्रभुत्व के बीच संघर्ष का दौर रहा। लेखक ने बताया है कि मुग़ल काल में हिन्दू और मुसलमानों के बीच सहकार्य और सांस्कृतिक विकास का अवसर मिला, जिससे एक सुदृढ़ साम्राज्य की नींव रखी गई। शाहजहाँ और ओरंगज़ेब जैसे मुग़ल साम्राटों के शासन का विश्लेषण करते हुए, लेखक ने उनके जीवन, शासन व्यवस्था, धार्मिक नीतियों, और साम्राज्य के पतन के कारणों पर प्रकाश डाला है। इसके अलावा, मराठा साम्राज्य के उत्थान और मुग़ल साम्राज्य के पतन के संदर्भ में भी विचार किया गया है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि मुग़ल कालीन भारत में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, और सांस्कृतिक परिवर्तन हुए, जिनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। पुस्तक का उद्देश्य छात्रों को एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करना है ताकि वे इतिहास को बेहतर तरीके से समझ सकें।


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