अमरकोश | Amar kosh by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश यह है कि यह "अमरकोश" नामक एक शब्दकोश का प्रारंभिक भाग है, जिसे श्रीमद् मरसिंह ने लिखा है। यह कोश विभिन्न शब्दों और उनके अर्थों के साथ-साथ उनके लिंग (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) के बारे में जानकारी प्रदान करता है। इसमें शब्दों की व्यवस्था का उल्लेख है और यह बताया गया है कि किस प्रकार शब्दों का उपयोग और उनका व्याकरणिक स्वरूप होता है। पाठ में विभिन्न प्रकार के शब्दों का संग्रह है, जैसे कि देवी-देवताओं के नाम, विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ, क्रियाएँ, और अन्य शाब्दिक रूप। यह कोश भाषा के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो शब्दों के अर्थ और उनके उपयोग को स्पष्ट करता है। इसमें विशेष रूप से यह बात भी की गई है कि कैसे कुछ शब्दों का लिंग बदलता है और उनके अर्थ के अनुसार उनका उपयोग कैसे किया जाता है। यह कोश उन लोगों के लिए उपयोगी है जो संस्कृत भाषा का अध्ययन कर रहे हैं या जो शब्दों की गहन समझ प्राप्त करना चाहते हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ एक शब्दकोश के रूप में कार्य करता है, जिसमें शब्दों के विस्तृत विवरण और उनके संहितात्मक उपयोग का उल्लेख है।


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