सर्व दर्शन संग्रह | Sarva Darshan Sangrah
- श्रेणी: ग्रन्थ / granth संस्कृत /sanskrit साहित्य / Literature
- लेखक: उदयनारायण सिंह - Udaynarayan Singh
- पृष्ठ : 316
- साइज: 8 MB
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दो शब्द :
यह पाठ भारतीय संस्कृति, ज्ञान और सभ्यता के महत्व पर प्रकाश डालता है। इसमें भारतीय सभ्यता की प्राचीनता और इसके योगदान को दर्शाया गया है। पाठ में यह बताया गया है कि कैसे भारत ने ज्ञान, विज्ञान, कला और साहित्य के क्षेत्र में विश्व को समृद्ध किया है। भारत की विविधता और विभिन्न जातियों की सांस्कृतिक समृद्धि को भी रेखांकित किया गया है। यह बताया गया है कि भारत की भौगोलिक विशेषताएँ, जैसे नदियाँ, पर्वत और उपवन, इसे विशेष बनाते हैं। पाठ में यह भी उल्लेख है कि भारत ने विभिन्न समयों पर अपने ज्ञान और विज्ञान से विश्व को मार्गदर्शन किया है, विशेषकर जब अन्य सभ्यताएँ अंधकार में थीं। पाठ में प्राचीन भारतीय ग्रंथों, जैसे वेदों और पुराणों, का भी संदर्भ दिया गया है, जो ज्ञान और नैतिकता के स्रोत रहे हैं। इसके साथ ही, भारतीय संस्कृति की उदारता और मानवता के प्रति उसके योगदान को भी महत्व दिया गया है। इस प्रकार, यह पाठ भारतीय संस्कृति के गहरे इतिहास, उसकी महानता और वैश्विक सभ्यता में उसके योगदान को समझाने का प्रयास करता है।
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