पाली-हिंदी कोश | Pali - Hindi Kosh

- श्रेणी: भाषा / Language शब्दकोष/ Dictionary शिक्षा / Education हिंदी / Hindi
- लेखक: भदंत आनंद कौसल्यायन - Bhadant Aanand Kausalyayan
- पृष्ठ : 374
- साइज: 14 MB
- वर्ष: 1989
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ "पालि-हिन्दी कोश" के प्रकाशन और महत्व के बारे में है। इसका पहला संस्करण 1975 में प्रकाशित हुआ था, और इसके द्वितीय संस्करण का प्रकाशन 1989 में हो रहा है। लेखक ने इस कोश के महत्व को बताते हुए कहा कि पालि भाषा को समझने के लिए कोश की आवश्यकता होती है। वे बताते हैं कि पालि एक प्राचीन प्राकृत भाषा है, जो विशेष रूप से उत्तर भारत के मगध क्षेत्र में प्रचलित थी। लेखक ने स्वर्गीय महापंडित राहुल साकृत्यायन का उदाहरण दिया, जिसमें वे एक पत्र को समझने के लिए कोश की उपयोगिता को दर्शाते हैं। यह भी उल्लेख किया गया है कि पालि भाषा को समझने के लिए ज्ञान और संसाधनों की आवश्यकता होती है, और इसी उद्देश्य के लिए यह कोश तैयार किया गया है। लेखक ने इस कोश के प्रकाशन में सुगत बुक डेपो के व्यवस्थापक श्री तुलसी पगारे की भूमिका की सराहना की है, और उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में भी उनके अन्य अप्रकाशित और अनुपलब्ध किताबों का प्रकाशन करेंगे। पाठ में कई शब्दों और उनके अर्थों का उल्लेख भी किया गया है, जो कि भाषा की अध्ययन में सहायक होते हैं। इस प्रकार, पाठ का मुख्य उद्देश्य पालि-हिन्दी कोश के महत्व को उजागर करना और इसके प्रकाशन की प्रक्रिया को साझा करना है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.